Lemon Ke Paudhe Ki Dekhbhal In Hindi: बागवानी का असली आनंद तभी आता है जब आपके घर या गार्डन में लगे पौधे हरे-भरे और फलदार नजर आते हैं। इन्हीं पौधों में नींबू का पौधा खास जगह रखता है, क्योंकि यह न सिर्फ हरियाली बढ़ाता है बल्कि ताजगी और सेहत का भी खजाना है। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि नींबू का पौधा तेजी से बढ़ाने का तरीका क्या है और शुरुआत से ही नींबू के पौधे की देखभाल कैसे करें (lemon plant care in hindi), ताकि पौधा जल्दी मजबूत हो और समय पर फूल-फल भी दे।
सच तो यह है कि नींबू का पौधा थोड़ी सी सही देखभाल, उचित धूप, संतुलित पानी और सही खाद मिलने पर बेहद तेजी से ग्रो कर सकता है। इस लेख में हम नींबू के पौधे की देखभाल के बारे में जानेंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने बगीचे या गमले में लगे नींबू के पौधे को सालों तक हरा-भरा व फलदार रख सकते हैं।
नींबू के पौधे की देखभाल के तरीके – How To Care Lemon Plant In Pots At Home In Hindi
आप अपने गार्डन या गमले की मिट्टी में लगे नींबू के पौधे की देखभाल कर, उसे हरा भरा व फलदार बनाएं रख सकते हैं। आप नींबू के पौधे की देखभाल निम्न प्रकार कर सकते हैं, जैसे –
1. सही आकार का गमला या ग्रो बैग
- गमला या ग्रो बैग सही आकार का न होने पर पौधे की जड़े सही से ग्रो नहीं करेंगी और पौधा मुरझा जाएगा। इसलिए नींबू का पौधा लगाने के लिए उचित आकार के छिद्र युक्त गमले या ग्रो बैग का इस्तेमाल करें।
- शुरूआत में आप नींबू के बीज या छोटे पौधे छोटे गमले में भी लगा सकते हैं लेकिन, बड़ा होने पर उसे बड़े गमले में ट्रांसप्लांट करें।
- आप नींबू लगाने के लिए 15×12, 15×15 या 24×24 (W x H) साइज के गमले या ग्रो बैग इस्तेमाल कर सकते हैं।
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2. उपजाऊ मिट्टी
- रेतीली दोमट मिट्टी – पोषक तत्वों से युक्त और अच्छी जल निकासी वाली थोड़ी अम्लीय मिट्टी में नींबू का पौधा अच्छी ग्रोथ करता है। आप मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए कम्पोस्ट, गोबर खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिला सकते हैं और ड्रेनेज क्षमता बढ़ाने के लिए थोड़ी सी रेत मिला सकते हैं।
- pH स्तर– 5.5 से 7 तक का pH नींबू के पौधे के लिए सही होता है।
- आप पौधे के लिए रेडीमेड पॉटिंग मिक्स का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, जिसे आप organicbazar.net से खरीद सकते हैं।
ऐसी मिट्टी पौधे को जल्दी जड़ जमाने, हरा-भरा बनने और फल लगने में मदद करती है।
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3. उचित मात्रा में पानी
- अगर पौधा छोटा है तो मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें, लेकिन जलभराव न होने दें।
- नींबू के पौधे की मिट्टी सूखी लगे तो आप पानी दे सकते हैं।
- जब पौधा बड़ा हो जाए तो गर्मियों में रोजाना पानी दें और सर्दियों के मौसम में पौधे की जरूरत के हिसाब से पानी दें।
ध्यान रखें, नींबू के पौधे को गहरी जड़ तक नमी चाहिए लेकिन ओवर वाटरिंग नहीं होना चाहिए।
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4. जैविक खाद
- नींबू को तेजी से बढ़ने तथा अच्छे फलों व फूलों की उपज के लिए भारी मात्रा में पोषक पदार्थों की जरूरत होती है।
- आप पौधों की वृद्धि के लिए जैविक खाद जैसे वर्मीकम्पोस्ट, रॉक फास्फेट, नीम केक और मस्टर्ड केक आदि का उपयोग कर सकते हैं।
- पौधों को बढ़ाने के लिए ऐसे उर्वरक का उपयोग करें, जिसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे लोहा, मैंगनीज और जस्ता आदि उपस्थित हों। आप महीने में 1-2 बार तरल उर्वरक भी प्रदान कर सकते हैं।
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5. धूप या सूर्य प्रकाश
- नींबू के पौधे लगे गमले को धूप वाली जगह पर रखना चाहिए।
- धूप की कमी से नींबू के पौधे की ग्रोथ धीमी हो सकती है, इसलिए पौधे को रोजाना लगभग 6-8 घंटे की धूप मिलना जरूरी है।
- गर्मी में पौधे को जलाने वाली धूप से बचाने के लिए कपड़े या शेड नेट का इस्तेमाल करें।
अगर आपके क्षेत्र में ओस, बर्फ या बहुत ज्यादा ठंड पड़ रही है, तो आप पौधे को घर के अंदर रख सकते हैं या पुराने कपड़े से ढककर सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।
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6. परागण
- यदि पौधे के आस-पास मधुमक्खियाँ, परागण करने वाले कीट या परागण सही से न हो, तो फूल झड़ सकते हैं और फल नहीं लगते।
- नींबू के फूलों में नर और मादा भाग एक ही फूल में मौजूद होते हैं, जिससे पौधे में परागण (pollination) आसानी से हो जाता है।
- पौधे में परागण हवा, कीट या मधुमक्खियाँ के द्वारा हो जाता है।
- आप पौधे में हाथ से भी परागण कर सकते हैं – हाथ से परागण (pollination) करने के लिए फूल के पुंकेसर (stamen) से पराग (pollen) इकट्ठा करें और उसे वर्तिकाग्र (stigma) पर हल्के से थपथपाएं, इससे फूल से फल बनने की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। फूल को हल्का सा हिलाकर भी परागण किया जा सकता है।
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7. छटाई या प्रूनिंग
- नींबू के पौधे की आवश्यकता अनुसार छटाई करें।
- पौधे से सूखे, रोग ग्रसित और डैमेज शाखाओं को हटा दें।
- आप नीम्बू को सही आकार देने के लिए भी प्रूनिंग कर सकते हैं, लेकिन एक बार में अधिक छटाई न करें।
- लेमन प्लांट की छटाई करने के लिए साफ-सुथरे गार्डनिंग टूल्स जैसे प्रूनर या आरी का इस्तेमाल करें।
8. खरपतवार नियंत्रण
- नींबू के पौधे की मिट्टी में अनचाहे पौधे उग आते हैं, जिन्हें खरपतवार कहते हैं।
- खरपतवार मिट्टी से पोषक तत्व छीन लेते हैं, जो नींबू के पौधे को जरूरी होते हैं।
- नींबू के पौधे के पास से खरपतवार को जल्द से जल्द हटा देना चाहिए।
- आप चाहें तो खरपतवार नाशक का छिड़काव भी कर सकते हैं।
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9. कीट और रोग
- नींबू के पौधे माइलबग्स, लाल मकड़ी या एफिड्स जैसे कीट और कैंकर, जड़ सड़न जैसे रोगों से प्रभावित हो सकते हैं, जो पत्तियों तथा फलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- आप पौधों को कीट व रोग से बचाने के लिए कीटनाशक साबुन, पेस्टीसाइड तथा नीम तेल (Neem oil) का छिड़काव कर सकते हैं।
- इसके अलावा आप प्रति लीटर पानी में 3 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या 2 ग्राम मैंकोजेब मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं।
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निष्कर्ष:
सही धूप, संतुलित पानी और उचित खाद देने से नींबू के पौधे की देखभाल आसान हो जाती है और यह लंबे समय तक हरा भरा व फलदार बना रहता है। यह लेख आपको कैसा लगा, कमेंट में जरूर बताएं। अगर लेख अच्छा लगा हो तो लाइक और शेयर करें। आपका एक कमेंट हमारे लिए मोटिवेशन का काम करता है।
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