टमाटर का पौधा घना, लेकिन फल कम? जानें कारण – Why Do Tomato Plants Have More Leaves But Fewer Fruits In Hindi

Tamatar Mein Phal Na Aana In Hindi: टमाटर का पौधा खूब हरा-भरा हो और उसमें पत्तियां तेजी से बढ़ रही हों, फिर भी अगर फूल और फल कम दिखाई दें, तो यह चिंता की बात हो सकती है। अक्सर पौधे की अच्छी ग्रोथ देखकर लगता है कि जल्द ही ढेर सारे टमाटर मिलेंगे, लेकिन कुछ गलतियों के कारण पौधा अपनी ऊर्जा पत्तियों और शाखाओं को बढ़ाने में लगा देता है जिसके कारण पौधे में टमाटर कम होने लगते हैं। टमाटर में ज्यादा पत्तियां और कम फल आने/लगने का कारण जानना इसलिए जरूरी है, ताकि समय रहते पौधे की देखभाल में जरूरी बदलाव किए जा सकें। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि, टमाटर के पौधे पर पत्तियां अधिक होने के पीछे क्या वजहें हैं, फल कम क्यों बनते हैं (Tamatar Me Phal Na Lagna In Hindi) और किन सामान्य गलतियों से टमाटर की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

1. नाइट्रोजन वाली खाद की अधिकता – Excess Nitrogen in Hindi

नाइट्रोजन वाली खाद की अधिकता - Excess Nitrogen in Hindi

टमाटर के पौधे को नाइट्रोजन की जरूरत होती है, लेकिन इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो पौधा फल और फूल बनाने के बजाय पत्तियों और नई शाखाओं की बढ़वार पर ज्यादा ऊर्जा खर्च करने लगता है। ऐसे में पौधा देखने में बहुत घना और हरा-भरा नजर आता है, लेकिन फूल कम आते हैं या फूल आने के बाद फल बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। खासकर ताजी गोबर की खाद, यूरिया या नाइट्रोजन युक्त उर्वरक का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल यह समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए केवल पत्तियों की अच्छी ग्रोथ देखकर खाद की मात्रा बढ़ाते रहना सही तरीका नहीं है।

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2. पौधे को पर्याप्त धूप न मिलना – Lack of Sunlight in Hindi

पौधे को पर्याप्त धूप न मिलना - Lack of Sunlight in Hindi

अच्छी पौदावर के लिए टमाटर का पौधा पर्याप्त रोशनी पसंद करता है। अगर पौधा ऐसी जगह लगा है, जहां दिनभर छाया रहती है या आस-पास के पौधों के कारण सूर्य की रोशनी ठीक से नहीं पहुंचती, तो उसकी बढ़वार का संतुलन बिगड़ सकता है। कम रोशनी में पौधा पत्तियां और लंबी शाखाएं तो विकसित कर सकता है, लेकिन फूलों की संख्या और फल बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। गमले में उगाए गए टमाटर के पौधों में यह समस्या अक्सर देखने को मिलती है। इसलिए पौधे की जगह चुनते समय उसकी सूर्यप्रकाश की जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।

3. जरूरत से ज्यादा पानी देना – Overwatering in Hindi

जरूरत से ज्यादा पानी देना - Overwatering in Hindi

टमाटर के पौधे को पानी चाहिए, लेकिन लगातार जरूरत से ज्यादा पानी देना उसकी ग्रोथ के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जब मिट्टी हमेशा गीली रहती है, तो जड़ों के आस-पास हवा का संचार कम हो जाता है और पौधा पोषक तत्वों का सही उपयोग नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में पत्तियों की संख्या अधिक दिखाई दे सकती है, जबकि फूल और फल अपेक्षा के अनुसार विकसित नहीं होते। बहुत ज्यादा नमी लंबे समय तक रहने पर जड़ों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए केवल ऊपर की मिट्टी देखकर बार-बार पानी देने के बजाय उसकी नमी जांचकर सिंचाई करना बेहतर रहता है।

4. फास्फोरस और पोटैशियम का असंतुलन – Nutrient Imbalance in Hindi

पौधे को केवल नाइट्रोजन ही नहीं, बल्कि फास्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी संतुलित मात्रा में जरूरी होते हैं। अगर मिट्टी में पोषण का संतुलन बिगड़ जाए, तो पौधे की पत्तियां और शाखाएं तेजी से बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल और फल बनने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती है। खासकर फल बनने और उनके विकास के चरण में पोटैशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि बिना मिट्टी की स्थिति समझे किसी एक पोषक तत्व की ज्यादा मात्रा देना भी सही नहीं है। संतुलित पोषण देना पौधे की अच्छी ग्रोथ और बेहतर फल उत्पादन के लिए जरूरी है।

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5. पौधे की शाखाएं ज्यादा घनी होना – Excessive Foliage in Hindi

पौधे की शाखाएं ज्यादा घनी होना - Excessive Foliage in Hindi

जब टमाटर के पौधे पर जरूरत से ज्यादा शाखाएं और पत्तियां विकसित हो जाती हैं, तो पौधा बहुत घना दिखाई देने लगता है। ऐसी स्थिति में पौधे के अंदर हवा और प्रकाश का संचार कम हो सकता है। घनी पत्तियों के कारण कई फूल और छोटी शाखाएं छिप जाती हैं, जिससे पौधे की निगरानी करना भी मुश्किल हो जाता है। खासकर गमले में लगे पौधों में सीमित जगह के कारण यह समस्या अधिक दिखाई दे सकती है। पौधे को उचित सहारा देना और जरूरत के अनुसार उसकी बढ़वार को व्यवस्थित रखना जरूरी है, ताकि रोशनी और हवा सभी हिस्सों तक बेहतर तरीके से पहुंच सके।

6. जरूरत से अधिक खाद डालना – Excessive Fertilization in Hindi

जरूरत से अधिक खाद डालना - Excessive Fertilization in Hindi

कई बार ज्यादा फल पाने की उम्मीद में gardener बिना सोचे समझे बार-बार खाद या जैविक उर्वरक डालते रहते हैं। लेकिन अधिक खाद देना हमेशा ज्यादा टमाटर मिलने की गारंटी नहीं देता। पोषक तत्वों की अत्यधिक मात्रा पौधे की प्राकृतिक वृद्धि में असंतुलन पैदा कर सकती है और वह फल बनाने के बजाय पत्तियों तथा शाखाओं की बढ़वार पर ज्यादा ध्यान दे सकता है। खासकर एक साथ कई तरह की खाद डालने से मिट्टी में पोषक तत्वों का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए पौधे की उम्र, मिट्टी और विकास की अवस्था के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल करना अधिक उचित होता है।

7. तापमान का ज्यादा होना – High Temperature in Hindi

तापमान का ज्यादा होना - High Temperature in Hindi

टमाटर के पौधे में फूल और फल बनने की प्रक्रिया पर तापमान का सीधा असर पड़ सकता है। बहुत ज्यादा गर्म मौसम में पौधा तनाव में आ सकता है और फूल ठीक से टिक नहीं पाते। कई बार फूल दिखाई देते हैं, लेकिन उनके बाद छोटे फल विकसित नहीं हो पाते या फूल गिरने लगते हैं। इस दौरान पौधा अपनी पत्तियों और शाखाओं के साथ हरा-भरा दिखाई दे सकता है, जिससे लगता है कि उसकी ग्रोथ अच्छी है। लेकिन वास्तविक समस्या फल बनने के चरण में होती है। इसलिए मौसम के अनुसार पौधे की नमी, धूप और आस-पास के वातावरण का ध्यान रखना जरूरी है।

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8. फूलों का सही परागण न होना – Poor Pollination in Hindi

फूलों का सही परागण न होना - Poor Pollination in Hindi

टमाटर के पौधे पर फूल आना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन फूलों का सही तरीके से परागण होना भी जरूरी है। अगर पौधा बहुत बंद जगह पर है, हवा का आवागमन कम है या फूलों के समय मौसम अनुकूल नहीं है, तो परागण प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में पौधा बहुत सारी पत्तियों के साथ स्वस्थ दिखाई दे सकता है, लेकिन फूलों से फल कम बनते हैं। कभी-कभी फूल खिलने के बाद गिर भी जाते हैं। इसलिए फूल आने के समय पौधे को पर्याप्त हवा और अनुकूल वातावरण मिलना महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि केवल पत्तियों की संख्या देखकर फलत का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।

9. मिट्टी में जल निकासी की समस्या – Poor Soil Drainage in Hindi

गमले या गार्डन में लगे टमाटर के पौधे को ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी जमा न रहे और हवा का पर्याप्त संचार बना रहे। अगर गार्डन या गमले की मिट्टी में जल निकासी खराब है, तो पानी लंबे समय तक जड़ों के आस-पास रुका रह सकता है। इससे जड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और पौधे को पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने में परेशानी हो सकती है। ऊपर से पौधा हरा-भरा और पत्तियों से भरा हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन फूल और फल कम हो सकते हैं। इसलिए गमले में टमाटर उगाते समय ड्रेनेज होल और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का ध्यान रखना जरूरी है।

10. गमले का आकार छोटा होना – Small Pot Size in Hindi

गमले का आकार छोटा होना - Small Pot Size in Hindi

गमले में उगाए गए टमाटर के पौधे में कम फल आने का एक कारण कंटेनर का बहुत छोटा होना भी हो सकता है। जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है, उसकी जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। छोटे गमले में जड़ें सीमित हो जाती हैं और मिट्टी में मौजूद पानी तथा पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। इससे पौधे की पूरी ग्रोथ और फल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऊपर से पत्तियां अधिक दिखाई दे सकती हैं, लेकिन फल कम बन सकते हैं। इसलिए टमाटर की किस्म और पौधे के आकार के अनुसार पर्याप्त जगह वाला गमला या ग्रो बैग चुनना जरूरी है।

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11. पानी देने में अनियमितता – Irregular Watering in Hindi

कभी पौधे को बहुत ज्यादा पानी देना और फिर कई दिनों तक पानी न देना भी टमाटर की फलत को प्रभावित कर सकता है। मिट्टी की नमी में बार-बार होने वाला उतार-चढ़ाव पौधे के लिए तनाव की स्थिति पैदा कर सकता है। खासकर फूल आने और फल बनने के समय नियमित नमी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। पानी की कमी या अचानक अधिक पानी मिलने से पौधे की सामान्य विकास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पौधा पत्तियों और शाखाओं से भरा दिखाई दे सकता है, लेकिन फूल और फल अपेक्षाकृत कम नजर आते हैं। इसलिए मौसम और मिट्टी की नमी के अनुसार नियमित सिंचाई करना बेहतर है।

निष्कर्ष:

टमाटर का पौधा ज्यादा पत्तियों वाला हो लेकिन फल कम दे रहा हो, तो केवल खाद या पानी को इसका कारण न मानें। धूप, सिंचाई, पोषण, मिट्टी की जल निकासी, परागण और पौधे की बढ़वार जैसे कई कारण टमाटर की पैदावार को प्रभावित कर सकते हैं। सही कारण पहचानकर पौधे की देखभाल में जरूरी बदलाव करने से उसकी बेहतर बढ़वार के साथ अधिक और स्वस्थ टमाटर प्राप्त किए जा सकते हैं। ऐसे ही उपयोगी लेख पढ़ने के लिए organicbazar.net पर विजिट करें।

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