फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी? जानें पहचान के तरीके और उपाय – Calcium Deficiency In Fruit Plants: Signs And Solutions In Hindi

How To Identify Calcium Deficiency In Fruit Plants In Hindi: फलदार पौधे देखने में भले ही हरे-भरे और स्वस्थ लगते हों, लेकिन कई बार उनके अंदर पोषण की कमी धीरे-धीरे शुरू हो जाती है और हमें इसका पता भी नहीं चलता। खासकर कैल्शियम की कमी ऐसी समस्या है, जो पौधों की नई बढ़त, फूल और फलों पर सीधा असर डालती है। इसकी वजह से फल छोटे रह सकते हैं, सड़ने लगते हैं या नई पत्तियाँ कमजोर और मुड़ी हुई दिखाई देने लगती हैं।

अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि — कैसे पता चलेगा कि फल वाले पौधों में कैल्शियम की कमी है। अच्छी बात यह है कि पौधे खुद ही अपने अंदर की कमी के संकेत देने लगते हैं, बस उन्हें सही समय पर पहचानना जरूरी होता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी कैसे पहचाने, फल वाले पौधों में कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या हैं और पौधों में कैल्शियम की कमी कैसे पूरी करें, ताकि समय रहते सही उपाय करके पौधों को फिर से स्वस्थ बनाया जा सके।

फल वाले पौधों में कैल्शियम की कमी के लक्षण – Signs Of Calcium Deficiency In Fruit Plants In Hindi

कैल्शियम की कमी होने पर फलदार पौधों की नई पत्तियाँ कमजोर दिखने लगती हैं और फलों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। समय रहते इसके लक्षण पहचानकर पौधों को खराब होने से बचाया जा सकता है। चलिए जानते हैं कैल्शियम की कमी के मुख्य संकेत।

1. नई पत्तियों का मुड़ना और सिकुड़ना – Curling of Young Leaves in Hindi

नई पत्तियों का मुड़ना और सिकुड़ना - Curling of Young Leaves in Hindi

फ्रूट वाले पौधों में कैल्शियम की कमी का सबसे पहला असर नई पत्तियों पर दिखाई देता है। पौधे की ऊपर वाली कोमल पत्तियाँ ठीक से खुल नहीं पातीं और अक्सर किनारों से मुड़ने लगती हैं। कई बार पत्तियाँ सिकुड़ी-सिकुड़ी और टेढ़ी-मेढ़ी दिखती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैल्शियम नई कोशिकाओं के सही विकास में मदद करता है। जब पौधे को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता तो नई पत्तियों की बढ़त रुकने लगती है। अगर आपके अमरूद, नींबू, आम या अनार के पौधों में ऊपर की पत्तियाँ अजीब तरीके से मुड़ती दिखें तो समझ लें कि कैल्शियम की कमी शुरू हो रही है।

(यह भी जानें: फल वाले पेड़ पौधे लगाने के लिए बेस्ट ग्रो बैग साइज…)

2. नई पत्तियों के किनारों का सूखना – Burning of Leaf Edges in Hindi

नई पत्तियों के किनारों का सूखना - Burning of Leaf Edges in Hindi

कई बार फलदार पौधों की नई पत्तियों के किनारे हल्के पीले या भूरे रंग के दिखने लगते हैं और धीरे-धीरे सूखने लगते हैं। यह भी कैल्शियम की कमी का एक साफ संकेत हो सकता है। शुरुआत में यह समस्या बहुत छोटी लगती है, लेकिन समय के साथ पत्तियों के किनारे कुरकुरे और सूखे दिखने लगते हैं। कैल्शियम पौधे की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है, इसलिए इसकी कमी होने पर पत्तियाँ कमजोर हो जाती हैं। अगर पौधे की ऊपर वाली पत्तियों के किनारे सूखते दिखें तो मिट्टी में कैल्शियम की उपलब्धता जरूर जांचनी चाहिए।

मिट्टी व जैविक खाद खरीदने के लिए नीचे दिए आइकॉन पर क्लिक करें:

3. नई टहनियों की बढ़त रुक जाना – Poor Growth of New Shoots in Hindi

नई टहनियों की बढ़त रुक जाना - Poor Growth of New Shoots in Hindi

कैल्शियम की कमी होने पर पौधे की नई टहनियाँ ठीक से बढ़ नहीं पातीं। आप देखेंगे कि पौधे की बढ़त पहले की तरह तेज नहीं है और नई शाखाएँ छोटी और कमजोर बन रही हैं। कई बार टहनी का सिरा सूख भी जाता है। फलदार पौधों में यह समस्या खासकर तब दिखती है जब मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है। अगर पौधा स्वस्थ दिखने के बावजूद नई टहनियाँ कमजोर और छोटी बना रहा है, तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।

4. फलों का फटना या दरार पड़ना – Fruit Cracking in Hindi

फलों का फटना या दरार पड़ना - Fruit Cracking in Hindi

फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी का असर सीधे फलों पर भी दिखाई देता है। कई बार फल पकने से पहले ही उन पर दरारें पड़ने लगती हैं या फल फट जाता है। यह समस्या अनार, टमाटर, अमरूद और नींबू जैसे पौधों में ज्यादा देखी जाती है। कैल्शियम फलों की त्वचा को मजबूत बनाता है, इसलिए इसकी कमी होने पर फल की बाहरी परत कमजोर हो जाती है। जब फल तेजी से बढ़ता है तो कमजोर त्वचा उसे संभाल नहीं पाती और फल फटने लगता है।

(यह भी जानें: फलों और सब्जियों के पौधों के लिए अलग-अलग खाद…)

5. फलों के सिरे का सड़ना – Blossom End Rot in Hindi

फलों के सिरे का सड़ना - Blossom End Rot in Hindi

कुछ फलदार पौधों में फल के निचले हिस्से पर काले या भूरे धब्बे दिखाई देने लगते हैं और धीरे-धीरे वह हिस्सा सड़ने लगता है। इसे आमतौर पर ब्लॉसम एंड रॉट कहा जाता है। यह समस्या खासकर टमाटर, मिर्च और कुछ अन्य फसलों में भी देखी जाती है। इसका मुख्य कारण पौधे में कैल्शियम की कमी होता है। जब पौधे को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता तो फल का निचला हिस्सा कमजोर हो जाता है और सड़ने लगता है। अगर फल के नीचे काला धब्बा दिखे तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।

गमला खरीदने के लिए नीचे दिए आइकॉन पर क्लिक करें:

6. जड़ों का कमजोर विकास – Poor Root Development in Hindi

कैल्शियम पौधों की जड़ों के विकास के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर जड़ें मजबूत और लंबी नहीं बन पातीं। कई बार पौधा ऊपर से ठीक दिखता है लेकिन जड़ें कमजोर होती हैं, जिससे पौधा मिट्टी से पोषक तत्व सही तरीके से नहीं ले पाता। फलदार पौधों में अगर जड़ें कमजोर हों तो पौधे की बढ़त भी धीमी हो जाती है। अगर पौधा बिना किसी खास कारण के कमजोर दिख रहा है, तो यह कैल्शियम की कमी की ओर इशारा हो सकता है।

7. पत्तियों का छोटा और मोटा रह जाना – Small and Thick Leaves in Hindi

पत्तियों का छोटा और मोटा रह जाना - Small and Thick Leaves in Hindi

कैल्शियम की कमी होने पर पौधे की नई पत्तियाँ सामान्य आकार की नहीं बनतीं। वे छोटी, मोटी और कुछ हद तक कठोर दिख सकती हैं। कई बार पत्तियों का रंग भी हल्का हरा या पीला दिखने लगता है। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए शुरुआत में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर लगातार नई पत्तियाँ छोटी और असामान्य आकार की बन रही हों तो यह संकेत हो सकता है कि पौधे को कैल्शियम सही मात्रा में नहीं मिल रहा।

(यह भी जानें: गार्डन का सामान कहाँ से खरीदें…)

8. फूलों का जल्दी गिरना – Flower Drop in Hindi

फूलों का जल्दी गिरना - Flower Drop in Hindi

फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी होने पर फूल ठीक से टिक नहीं पाते और जल्दी गिरने लगते हैं। कई बार पौधा बहुत सारे फूल बनाता है लेकिन उनमें से बहुत कम फल बन पाते हैं। इसका कारण यह होता है कि कैल्शियम पौधे के ऊतकों को मजबूत बनाता है और फूलों को टिके रहने में मदद करता है। अगर आपके पौधों में बार-बार फूल गिर रहे हैं और फल नहीं बन पा रहे, तो मिट्टी में कैल्शियम की कमी की जांच करना जरूरी हो जाता है।

गार्डनिंग सामान खरीदने के लिए नीचे दिए आइकॉन पर क्लिक करें:

9. फलों का छोटा रह जाना – Small Fruit Size in Hindi

फलों का छोटा रह जाना - Small Fruit Size in Hindi

जब फलदार पौधों को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता तो फल का आकार सामान्य से छोटा रह जाता है। पौधा फल तो बनाता है लेकिन वे पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। कई बार फल हल्के और कमजोर भी लगते हैं। कैल्शियम फलों की कोशिकाओं के विकास में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी होने पर फल का विकास रुक सकता है। अगर आपके पौधों में फल तो बन रहे हैं लेकिन उनका आकार छोटा है, तो यह भी कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है।

10. पौधे की बढ़त का कमजोर दिखना – Overall Weak Plant Growth in Hindi

कैल्शियम की कमी का असर धीरे-धीरे पूरे पौधे पर दिखने लगता है। पौधा कमजोर, धीमी बढ़त वाला और कम फल देने वाला हो सकता है। पत्तियाँ, टहनियाँ और फल सभी सामान्य से कमजोर दिखते हैं। कई बार पौधा हरा तो दिखता है लेकिन उसमें वह ताकत नहीं होती जो एक स्वस्थ पौधे में होती है। अगर आपके फलदार पौधों की बढ़त अचानक धीमी पड़ जाए और कई तरह की छोटी-छोटी समस्याएँ एक साथ दिखें, तो कैल्शियम की कमी भी इसका कारण हो सकती है।

(यह भी जानें: बेस्ट होम गार्डन टूल्स जो गार्डनिंग को बनाएं आसान…)

फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें  How To Fix Calcium Deficiency In Fruit Plants In Hindi

फलदार पौधों में कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें - How To Fix Calcium Deficiency In Fruit Plants In Hindi

फ्रूट प्लांट की अच्छी बढ़वार और बेहतर फल उत्पादन के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी पोषक तत्व होता है। अगर ये टिप्स फॉलो किये जाए तो आपके फ्रूट वाले प्लांट में कैल्शियम की कमी नहीं होगी—

  1. चूने का इस्तेमाल  मिट्टी में कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए खेत में चूना मिलाने से पौधों को कैल्शियम आसानी से मिलता है और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरती है।
  2. जिप्सम का यूज  जिप्सम डालने से मिट्टी में कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है और पौधों की जड़ों को जरूरी पोषण मिलने लगता है।
  3. कैल्शियम नाइट्रेट का छिड़काव  कैल्शियम नाइट्रेट का घोल बनाकर पत्तियों पर स्प्रे करने से पौधों में जल्दी कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है।
  4. कैल्शियम क्लोराइड का स्प्रे  फल बनने के समय कैल्शियम क्लोराइड का छिड़काव करने से फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और सड़न कम होती है।
  5. डोलोमाइट का इस्तेमाल  डोलोमाइट मिट्टी में डालने से पौधों को कैल्शियम और मैग्नीशियम दोनों पोषक तत्व मिलते हैं।
  6. जैविक खाद का इस्तेमाल  गोबर की खाद, कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट देने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधे पोषक तत्व बेहतर तरीके से लेते हैं।
  7. सही सिंचाई मिट्टी में संतुलित सिंचाई रखने से पौधों की जड़ें कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित कर पाती हैं।
  8. मल्चिंग का इस्तेमाल मल्चिंग करने से मिट्टी की नमी बनी रहती है और पोषक तत्वों का नुकसान कम होता है जिससे कैल्शियम उपलब्ध रहता है।

निष्कर्ष:

फलदार पौधों की अच्छी बढ़वार, मजबूत पत्तियों और बेहतर फलों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर पौधों की नई पत्तियाँ सही तरह से विकसित नहीं होतीं और फलों की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है। इसलिए गार्डनर को समय-समय पर पौधों का निरीक्षण करते रहना चाहिए ताकि कमी के लक्षण जल्दी पहचान में आ सकें। ऐसे ही उपयोगी गार्डनिंग लेख पढ़ने के लिए organicbazar.net पर विजिट जरूर करें।

मिट्टी व जैविक खाद खरीदने के लिए नीचे दिए आइकॉन पर क्लिक करें:

Leave a Comment